घर के साधारण भोजन में अगर ढाबे जैसा जायका मिल जाए तो खाने का आनंद कई गुना बढ़ जाता है। अकसर लोग शिकायत करते हैं कि घर पर बना राजमा रेस्टोरेंट जैसी गाढ़ी ग्रेवी और तीखे स्वाद से मेल नहीं खाता। इस कमी को दूर करने और बहुत कम मेहनत में लाजवाब स्वाद पाने के लिए एक सटीक रसोई विधि काफी मददगार साबित हो सकती है। जमशेदपुर के वर्मा माइंस इलाके की निवासी पूनम कुमारी ने ऐसा ही एक आसान तरीका साझा किया है, जिससे साधारण रसोई में भी बेहतरीन मसालेदार राजमा तैयार किया जा सकता है। इसे गरमागरम बासमती चावल, जीरा राइस या सादी रोटी के साथ परोसकर पूरे परिवार को स्वादिष्ट दावत दी जा सकती है।
राजमा भिगोने और उबालने की सही प्रक्रिया
इस व्यंजन की बुनियाद राजमा के सही चुनाव और उसे पकाने की विधि पर टिकी होती है। पूनम कुमारी के अनुसार सबसे पहले बढ़िया गुणवत्ता का राजमा चुनना चाहिए। उसे साफ पानी से अच्छी तरह धोकर कम से कम 8 से 10 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें। लंबे समय तक भिगोने से दाने अंदर तक पानी सोख लेते हैं और समान रूप से फूलते हैं। इसके बाद भीगे हुए राजमा को प्रेशर कुकर में डालें और मध्यम आंच पर 8 से 10 सीटी आने तक अच्छी तरह पकाएं। राजमा का पूरी तरह नरम और मुलायम होना बेहद जरूरी है, क्योंकि सख्त दाने रहने पर ग्रेवी का स्वाद उसमें भीतर तक नहीं समा पाता और खाने में वह कड़ापन देता है।
सरसों के तेल में खड़े मसाले और प्याज की भुनाई
ग्रेवी तैयार करने के लिए एक कड़ाही में सरसों का तेल गरम करें। उत्तर भारतीय व्यंजनों में सरसों का तेल एक खास सोंधापन और तीखा स्वाद जोड़ता है। जब तेल से हल्का धुआं निकलने लगे और वह पक जाए, तब इसमें तेज पत्ता और साबुत खड़े मसाले डालें। इसके तुरंत बाद बारीक कटा हुआ प्याज डालकर धीमी से मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक कि उसका रंग सुनहरा भूरा न हो जाए। ग्रेवी की रंगत और गाढ़ापन इस बात पर निर्भर करता है कि प्याज कितने धैर्य से भुना गया है। अच्छी तरह भुना प्याज ही मसालेदार तरी को सही आधार देता है।
अदरक, लहसुन और पिसे मसालों का तड़का
प्याज का रंग गहरा होने के बाद कड़ाही में प्याज, अदरक और लहसुन का पिसा हुआ पेस्ट शामिल करें। इस मिश्रण को तब तक भूनते रहें जब तक कि कच्चापन पूरी तरह समाप्त न हो जाए और कड़ाही के किनारों से तेल अलग न दिखने लगे। जैसे ही मसालों से मनमोहक खुशबू उठने लगे, इसमें स्वादानुसार नमक, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर और थोड़ा गरम मसाला डालें। सूखे मसालों को धीमी आंच पर कुछ देर तक भूनें ताकि उनका कच्चापन निकल जाए और रंगत निखर आए।
टमाटर की ग्रेवी और राजमा का संयोजन
मसालों के भुन जाने के बाद कड़ाही में बारीक कटे हुए टमाटर डालें। टमाटर को लगातार चलाते हुए तब तक पकाएं जब तक कि वे पूरी तरह गलकर प्यूरी की तरह एकसार न हो जाएं और मिश्रण से दोबारा तेल अलग न होने लगे। इसके बाद उबले हुए राजमा को इस तैयार ग्रेवी में डाल दें और करछी की मदद से मसाले के साथ अच्छी तरह मिला दें। ग्रेवी को अपनी जरूरत के अनुसार पतला या गाढ़ा करने के लिए राजमा उबालते समय बचा हुआ पानी इस्तेमाल करें, जिससे पोषक तत्व और स्वाद दोनों बने रहते हैं।
धीमी आंच पर पकाना और अंतिम सजावट
राजमा को ग्रेवी के साथ धीमी आंच पर कुछ मिनटों तक खदकने दें, ताकि तरी के सारे तीखे और सुगंधित तत्व दानों के अंदर तक रच-बस जाएं। जब ग्रेवी आपकी पसंद के अनुसार गाढ़ी और लटपटी हो जाए, तब ऊपर से थोड़ा गरम मसाला छिड़कें और आंच बंद कर दें। यह लाजवाब मसालेदार राजमा घर पर ही ढाबे के स्वाद का पूरा अनुभव कराता है।



















