भारतीय घरों की रसोई में बैंगन की सब्जी या भरता नियमित रूप से बनाया जाता है, परंतु बहुत कम लोग जानते हैं कि बैंगन का मसालेदार और जायकेदार अचार भी तैयार किया जा सकता है. आमतौर पर बाजारों में बैंगन का अचार आसानी से उपलब्ध नहीं होता और अधिकांश लोग अधिक नमी के कारण इसे घर पर जमाने से झिझकते हैं. बैंगन के भीतर प्राकृतिक रूप से पानी की मात्रा अधिक पाई जाती है, जिसके चलते यदि थोड़ी भी चूक हो जाए तो अचार में फंगस लग सकती है या वह तेजी से सड़ सकता है. हालांकि, यदि पारंपरिक और सही तकनीक अपनाई जाए, तो रसोई में मौजूद आम सामग्रियों की मदद से बेहद लजीज बैंगन का अचार तैयार किया जा सकता है.
पानी सुखाना और धूप दिखाना है सबसे महत्वपूर्ण चरण
आम या नींबू के अचार की तुलना में बैंगन का अचार जमाने में थोड़ी अतिरिक्त सावधानी और समय की दरकार होती है. इसे तैयार करने का सबसे बुनियादी नियम यह है कि बैंगन के भीतरी जल को पूरी तरह सोखा जाए और उसके बाद उसे पर्याप्त समय तक धूप में सुखाया जाए. यद्यपि इसमें सामान्य से अधिक धैर्य लगता है, किंतु तैयार होने के बाद इसका खट्टा-तीखा स्वाद भोजन का आनंद कई गुना बढ़ा देता है. एक महत्वपूर्ण बात यह ध्यान में रखनी चाहिए कि बैंगन का अचार सालों-साल सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नहीं बनाया जाता. इसे हमेशा सीमित मात्रा में तैयार करना चाहिए ताकि इसे 15 से 20 दिन के भीतर उपभोग में लाया जा सके.
शुरुआती तैयारी और बैंगन से नमी निकालने का तरीका
फूड एक्सपर्ट निशा सैनी के अनुसार, इस अचार को हमेशा थोड़ी मात्रा में ही तैयार करना चाहिए ताकि इसकी ताजगी और स्वाद बना रहे. इस रेसिपी के लिए गोल अथवा लंबे, दोनों ही प्रकार के बैंगन चुने जा सकते हैं. सबसे पहले ताजे बैंगनों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और फिर उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. इसके उपरांत कटे हुए टुकड़ों पर हल्दी और नमक लगाकर एक बर्तन में 5 से 6 घंटे के लिए छोड़ दें. इस समयावधि में नमक के संपर्क में आने से बैंगन के रेशों से अतिरिक्त पानी पूरी तरह बाहर रिस जाता है. अचार को खराब होने से बचाने और उसकी शेल्फ लाइफ सुरक्षित रखने के लिए यह प्रक्रिया अत्यंत अनिवार्य मानी जाती है.
धूप में सुखाना और मसालों के साथ पकाने की विधि
नमक और हल्दी के पानी से निकालने के बाद इन टुकड़ों को तेज धूप में अच्छी तरह फैलाकर सुखा लें ताकि सतही नमी भी समाप्त हो जाए. इस अचार को खास खुशबू और स्वाद देने के लिए पीली सरसों, सौंफ, मेथी, धनिया, लाल मिर्च और हल्दी जैसे साबुत तथा पिसे मसालों का मिश्रण उपयोग किया जाता है. पकाने के लिए एक पैन अथवा बर्तन में सरसों का तेल अच्छी तरह गर्म करें. तेल गर्म हो जाने पर उसमें सरसों के दाने चटकाएं, और फिर बारीक कटी हरी मिर्च, लहसुन की कलियां तथा अदरक के छोटे टुकड़े मिला दें. इन सुगंधित सामग्रियों को करीब 2 मिनट तक अच्छी तरह भूनें ताकि तेल में इनका अर्क उतर आए. इसके बाद धूप में सुखाए गए बैंगन के टुकड़े डालकर लगभग 1 मिनट तक लगातार चलाते हुए भूनें.
जार में सुरक्षित रखने और परोसने का सही तरीका
बैंगन के टुकड़ों को तेल में भूनने के तुरंत बाद गैस का चूल्हा बंद कर दें, क्योंकि बैंगन को अधिक पकाने से वह गल सकता है. आंच बंद करने के पश्चात उसमें पहले से तैयार किए गए अचार के सभी मसाले डालें और सामग्री को आपस में एकसार कर लें. इसी समय अपने स्वादानुसार नमक की मात्रा भी संतुलित कर लें. तैयार अचार को कमरे के तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने दें. जब यह बिल्कुल ठंडा हो जाए, तब इसे किसी साफ, निष्फल और पूरी तरह सूखे कांच के जार में भरकर रख लें. यह अनोखा बैंगन का अचार बनते ही तुरंत खाने के लिए तैयार हो जाता है और दाल-चावल अथवा पराठों के साथ इसका स्वाद बेहतरीन लगता है.



















