गणेश उत्सव के पावन अवसर पर भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाना सबसे प्रमुख परंपराओं में गिना जाता है। वैसे तो पारंपरिक मोदक के भीतर गुड़ और कसे हुए ताजे नारियल की मीठी भरावन सबसे ज्यादा लोकप्रिय रही है, लेकिन क्षेत्र और उपलब्ध सामग्रियों के आधार पर इसकी कई स्वादिष्ट किस्में तैयार की जाती हैं। बदलते समय के साथ पारंपरिक रसोई से लेकर बाजारों तक मोदक के नए-नए रूप और स्वाद सामने आए हैं। यदि आप भी इस बार बप्पा की पूजा की थाली में कुछ अलग और खास शामिल करना चाहते हैं, तो पारंपरिक स्वाद से लेकर आधुनिक फ्लेवर तक के कई बेहतरीन विकल्प आसानी से बनाए जा सकते हैं।
महाराष्ट्र की पहचान उकडीचे मोदक
उकडीचे मोदक महाराष्ट्र की अत्यंत प्रतिष्ठित और पारंपरिक मिठाई है, जिसे पूजा के दौरान विशेष रूप से अर्पित किया जाता है। इसे तैयार करने के लिए मुख्य रूप से चावल के आटे का उपयोग किया जाता है। इसके बाहरी आवरण को तैयार करते समय आटे को गर्म पानी की मदद से अच्छी तरह गूंथा जाता है ताकि वह बेहद नरम और लचीला बने। इसके अंदर गुड़ और ताजे नारियल का मीठा मिश्रण भरा जाता है। भरावन भरने के बाद इसे पारंपरिक आकार देकर भाप में अच्छी तरह पकाया जाता है। भाप में तैयार होने के कारण इसका बाहरी हिस्सा बिल्कुल मुलायम बना रहता है और अंदर की भरावन से एक विशेष महक आती है, जो इसे बेहद खास बनाती है।
कुरकुरा स्वाद देने वाले तले हुए मोदक
यदि आपको या आपके परिवार को कुरकुरी मिठाइयां पसंद हैं, तो तले हुए मोदक एक शानदार विकल्प साबित होते हैं। इन मोदक की बाहरी परत को बनाने के लिए आमतौर पर गेहूं के आटे या मैदे का इस्तेमाल किया जाता है। इसके भीतरी हिस्से में नारियल और गुड़ के अलावा सूखे मेवे या अपनी पसंद के किसी अन्य मिश्रण की भरावन भरी जाती है। मोदक को सुंदर आकार देने के बाद धीमी या मध्यम आंच पर तेल अथवा शुद्ध घी में तब तक तला जाता है जब तक कि वे सुनहरे और खस्ता न हो जाएं। तलने की वजह से इनका कुरकुरापन और स्वाद उकडीचे मोदक की तुलना में बिल्कुल अलग अनुभव कराता है।
कम समय में बनने वाले मावा मोदक
जिन लोगों के पास त्योहार की व्यस्तता के चलते समय की कमी होती है, उनके लिए मावा या खोया मोदक सबसे सरल और झटपट तैयार होने वाला व्यंजन है। इस किस्म को तैयार करने के लिए खोया मुख्य आधार होता है। खोए में पिसी हुई चीनी, सुगंधित इलायची और बारीक कटे ड्राई फ्रूट्स मिलाकर एक गाढ़ा मिश्रण तैयार किया जाता है। इस विधि में चावल या गेहूं के आटे की बाहरी परत बनाने का झंझट नहीं होता। तैयार मिश्रण को सीधे मोदक के सांचे में डालकर अच्छी तरह दबाया जाता है, जिससे सुंदर आकार के मोदक तुरंत तैयार हो जाते हैं। यह मेहमानों के स्वागत और भोग दोनों के लिए बेहद उपयुक्त है।
बच्चों के पसंदीदा चॉकलेट मोदक
पारंपरिक पूजा के साथ-साथ परिवार के छोटे बच्चों को खुश करने के लिए चॉकलेट मोदक एक अत्यंत लोकप्रिय और आधुनिक प्रयोग बनकर उभरा है। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से चॉकलेट के साथ बिस्कुट का चूरा, कंडेंस्ड मिल्क, मावा अथवा बारीक कटे मेवों का उपयोग अलग-अलग विधियों के अनुसार किया जाता है। सभी सामग्रियों को मिलाकर तैयार किए गए मिश्रण को सांचे में दबाकर आसानी से मनचाहा आकार दिया जा सकता है। जो लोग पारंपरिक मिठास से हटकर कुछ नया और दिलचस्प आजमाना चाहते हैं, उनके लिए चॉकलेट मोदक एक बेहतरीन चुनाव है।
पोषक तत्वों से भरपूर ड्राई फ्रूट मोदक
सेहत और स्वाद का बेहतरीन तालमेल चाहने वालों के लिए ड्राई फ्रूट मोदक एक बहुत अच्छा विकल्प है। इसे काजू, बादाम, पिस्ता और अखरोट जैसे पौष्टिक मेवों की मदद से तैयार किया जाता है। मेवों को दरदरा या बारीक पीसकर चीनी अथवा गुड़ की चाशनी के साथ मिलाया जाता है। इसके स्वाद और रंगत को और ज्यादा निखारने के लिए मिश्रण में इलायची पाउडर या केसर की पत्तियां भी मिलाई जा सकती हैं। धीमी आंच पर इस मिश्रण को गाढ़ा होने तक पकाया जाता है और फिर सांचे की सहायता से मोदक का रूप दिया जाता है। यह बिना किसी अतिरिक्त आटे की परत के बेहद स्वादिष्ट बनता है।
घर पर मोदक बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें
घर में मोदक तैयार करते समय अपनी रसोई में उपलब्ध सामग्रियों और परिवार के स्वाद की पसंद का ध्यान रखना जरूरी होता है। पूजा के पारंपरिक अनुष्ठान के लिए उकडीचे मोदक सबसे उत्तम माने जाते हैं, जबकि बच्चों की पसंद के लिए चॉकलेट और मेहमानों के सत्कार के लिए मावा या ड्राई फ्रूट मोदक बनाए जा सकते हैं। किसी भी किस्म के मोदक बनाते समय यह सावधानी बरतें कि सांचे में भरा जाने वाला मिश्रण बहुत अधिक गीला या ढीला न हो। यदि मिश्रण ढीला रहेगा तो मोदक का स्पष्ट आकार निकालने में परेशानी आ सकती है और वे टूट भी सकते हैं। इस पावन अवसर पर अपनी पसंद के अनुसार इन खास किस्मों को बनाकर आप अपने त्योहार को और भी मधुर बना सकते हैं।



















