वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन के बीच हलचल एक सीमित दायरे में सिमटती नजर आ रही है। एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर ने जापानी येन के खिलाफ मजबूती बनाए रखने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी स्तरों पर तेज बढ़त की रफ्तार सुस्त पड़ती दिख रही है। मुद्रा विश्लेषकों का आकलन है कि निकट अवधि में डॉलर का रुख सकारात्मक बना रहने के बावजूद यह जोड़ी 158.70 के महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर को पार करने के लिए जरूरी गति हासिल नहीं कर पा रही है। आगामी एक से तीन हफ्तों के दौरान डॉलर और येन का विनिमय दर 156.35 से 158.70 के दायरे में ही झूलने का अनुमान लगाया गया है।
डॉलर और येन के हालिया तकनीकी स्तर और गतिशीलता
शुरुआती कारोबारी सत्रों में विनिमय दर के उतार-चढ़ाव पर नजर डालें तो सोमवार को अमेरिकी डॉलर 157.41 और 158.29 के बीच झूलता रहा और दिन के अंत में 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 157.90 पर बंद हुआ। इसके बाद के सत्र में मुद्रा का कारोबार 157.75 से 158.24 के सीमित दायरे में देखा गया, जहां यह 0.13 प्रतिशत चढ़कर 158.10 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि आज शुरुआती एशियाई सत्र में मजबूती दर्ज की गई और ऊपर की ओर रुझान बनता दिखा, लेकिन 158.70 का बड़ा तकनीकी अवरोध सामने खड़ा है। इस सकारात्मक बढ़त को कायम रखने के लिए डॉलर को 157.90 के आधार से ऊपर टिके रहना होगा, जबकि 158.10 का स्तर मामूली समर्थन के तौर पर काम कर रहा है। 5 अक्टूबर को स्पॉट रेट 157.65 रहने के दौरान दिए गए अनुमान के अनुरूप, पूर्व में अपेक्षित 156.00 से 158.70 के दायरे से संकुचित होकर अब यह जोड़ी 156.35 से 158.70 के बीच स्थिर रहने के संकेत दे रही है।
लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY वर्तमान में 158.04 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 157.96 से 0.05 प्रतिशत ऊपर है। इसका 52 हफ्तों का निचला स्तर 149.41 और उच्चतम स्तर 163.98 रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने 20 दिनों के औसत के 1.00 गुना पर सामान्य बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों में 14 दिवसीय आरएसआई (RSI) 55 के स्तर पर संतुलित है। एमएसीडी (MACD) 0.11 पर है जो -0.13 के सिग्नल स्तर और 0.24 के हिस्टोग्राम के साथ सकारात्मक संकेत दर्शा रहा है। एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज में 20 दिवसीय ईएमए 157.40, 50 दिवसीय ईएमए 157.99 और 200 दिवसीय ईएमए 157.75 पर स्थित हैं। इसके अलावा 50 दिवसीय सरल मूविंग एवरेज 157.81 और 200 दिवसीय एसएमए 158.51 पर दर्ज है, जहां 50 दिवसीय ईएमए का 200 दिवसीय ईएमए से ऊपर निकलना एक गोल्डन क्रॉस की स्थिति दर्शाता है। बॉलिंजर बैंड 153.52 से 159.84 के बीच स्थित हैं और मध्य रेखा 156.68 पर है। 14 दिवसीय एडीएक्स (ADX) 19 पर एक सीमित दायरे का संकेत देता है, जबकि स्टोकेस्टिक संकेतक की फास्ट लाइन 67 और सिग्नल लाइन 69 पर है। दैनिक उतार-चढ़ाव को मापने वाला एटीआर (ATR) 1.25 पर है। इंट्राडे कारोबार के लिए पिवट बिंदु 158.16, पहला प्रतिरोध 158.39, दूसरा प्रतिरोध 158.74 तथा समर्थन स्तर 157.81 और 157.58 पर देखे जा रहे हैं।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और केंद्रीय बैंकों का नीतिगत रुख
बुधवार के कारोबारी सत्र में डॉलर और येन की जोड़ी करीब डेढ़ हफ्ते के उच्चतम स्तर 158.50 के आसपास मंडराती रही। बाजार में खरीदार 200-दिवसीय एसएमए के स्तर 158.51 से ऊपर निकलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं ताकि आगामी अमेरिकी एफओएमसी (FOMC) बैठकों के विवरण आने से पहले नई स्थिति बनाई जा सके। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई नई तेजी ने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की मांग को फिर से जगा दिया है। दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान (BoJ) की ओर से नरम मौद्रिक नीति के बयानों ने येन पर दबाव बनाए रखा है, जिससे इस जोड़ी को निचले स्तरों पर सहारा मिला है।
अन्य प्रमुख मुद्राओं और सोने का बाजार परिदृश्य
वैश्विक मुद्रा बाजारों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जूझता नजर आया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी अपनी पिछली रिकवरी को भुनाने में नाकाम रही और बुधवार के एशियाई सत्र में 0.7000 के नीचे नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करती दिखी। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की ओर से सख्त ब्याज दर नीतियों की उम्मीदों के बावजूद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल ने डॉलर को मजबूती दी और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बनाए रखा। सभी की निगाहें अब फेडरल रिजर्व की एफओएमसी मिनट्स पर टिकी हैं।
कमोडिटी बाजार में सोने पर भी दबाव बना रहा। यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में सोने का रुख मंदा रहा और यह पिछले दिन छुए गए दो महीने के निचले स्तर 4,100 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा। मंगलवार की सुस्ती के बाद अमेरिकी डॉलर में आई नई मांग ने सोने की कीमतों पर वजन डाला है, और व्यापारी आगामी दिशा के लिए अमेरिकी नीतिगत विवरणों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
क्रिप्टो बाजार, भारतीय रुपया और यूरोपीय केंद्रीय बैंक की स्थिति
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में डॉगकॉइन (DOGE) में लगातार गिरावट देखी गई और यह करीब 0.090 डॉलर के आसपास कारोबार करता रहा, जिसमें इस हफ्ते अब तक 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। शॉर्ट पोजीशन एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने और डेरिवेटिव डेटा में सतर्कता दिखने से मंदड़ियों की पकड़ मजबूत हो रही है।
उधर घरेलू मोर्चे पर, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक के बाद भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले काफी कमजोर हुआ। रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 5.5 प्रतिशत कर दिया, जो फरवरी 2023 के बाद पहली वृद्धि है। नीतिगत घोषणा पर बाजार की कमजोर प्रतिक्रिया के बाद डॉलर और रुपये की जोड़ी उछलकर 96.72 के करीब पहुंच गई, जो चार महीनों में सबसे ऊंचा स्तर है। दूसरी ओर, यूरोप में मुद्रास्फीति अपने तय लक्ष्य से लगभग दोगुनी रहने के कारण यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के सामने ब्याज दरें बढ़ाने का सामान्य विकल्प था, लेकिन बॉन्ड बाजार द्वारा पहले ही वित्तीय सख्ती किए जाने से केंद्रीय बैंक कठिन असमंजस का सामना कर रहा है।























