दौसा जिले में इस साल दीपावली का महापर्व पूरी पारंपरिक गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। देश के अन्य हिस्सों की तरह दौसा में भी दीपोत्सव की अद्भुत छटा देखने को मिल रही है, जहां जिले की हर गली और हर घर को दीपों की रोशनी से सजाया गया है। इस खास अवसर पर स्थानीय निवासियों और विशेषकर महिलाओं में भारी जोश और उमंग साफ तौर पर महसूस की जा रही है।
शहर की महिलाएं और युवतियां सुंदर पारंपरिक परिधानों तथा आभूषणों से सज-धजकर हाथों में दीपक लेकर शहर के विभिन्न मंदिरों की तरफ जाती नजर आईं। हर घर में विशेष पकवानों की खुशबू महक रही है और घर के द्वारों पर मां लक्ष्मी तथा भगवान गणेश के स्वागत के लिए रंग-बिरंगी रंगोलियां सजाई जा रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल पूरी तरह से आध्यात्मिक हो गया है।
शहरभर में बिखरी दीपों की भव्य रोशनी
दीपावली के इस पवित्र अवसर पर दौसा की महिलाओं ने विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया। जैसे ही शाम ढली, लोगों ने अपने घरों के आंगन, छतों और मुख्य द्वारों पर मिट्टी के दीये जलाए। इसके साथ ही महिलाओं ने स्थानीय मंदिरों में एकत्र होकर प्राचीन परंपरा के अनुसार दीपदान किया। माता लक्ष्मी के चरणों में दीप समर्पित करते हुए महिलाओं ने अपने परिवारों की खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना की। घरों और मंदिरों से जगमगाते दीयों की रोशनी ने पूरे दौसा शहर को एक अलग ही दिव्यता प्रदान की है, जिसे निहारने के लिए लोग सड़कों पर निकल रहे हैं।
ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में जुटी भारी भीड़
दौसा के प्रमुख और ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में दीपावली के इस खास दिन महिलाओं का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचकर महिलाओं ने विशेष पूजा-अर्चना की और माता दुर्गा के समक्ष दीये प्रज्वलित किए। पूरा मंदिर परिसर दीपों की चमक और माता के भजनों तथा जयकारों की गूंज से सराबोर नजर आया। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं का सामूहिक रूप से पूजा-पाठ करना हमारी सांस्कृतिक धरोहर और अटूट श्रद्धा का एक जीवंत नजारा पेश कर रहा था।
भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना त्योहार
दौसा में मनाया जा रहा दीपावली का यह पावन पर्व महज रोशनी का उत्सव नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का एक मजबूत संदेश बन गया है। इस महापर्व के जश्न में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी पूरी तरह से डूबे हुए नजर आ रहे हैं। स्थानीय बाजारों से लेकर घनी बस्तियों तक हर तरफ आतिशबाजी का शोर और स्वादिष्ट मिठाइयों की खुशबू फैली हुई है, जो इस त्योहार के उल्लास को और अधिक बढ़ा रही है।

















