नगोया में जारी एशियाई खेलों से भारत के लिए सॉफ्ट टेनिस कोर्ट से निराशाजनक खबर आई है। पुरूष वर्ग के नॉकआउट चरण में इंडोनेशियाई खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए भारतीय टीम को 0-2 से मात दी। इस पराजय के साथ ही स्पर्धा में भारत का सफर क्वार्टर फाइनल चरण में ही थम गया। इससे पहले ग्रुप सी के लीग मुकाबलों में भारत ने लाओ और मंगोलिया के खिलाफ जीत हासिल की थी, जबकि इसी ग्रुप में उन्हें चीनी ताइपे से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
इंडोनेशिया ने सीधे मुकाबलों में दर्ज की जीत
दूसरे क्वार्टर फाइनल में भारतीय दल की ओर से अनिकेत पाटिल, ओम यादव, जय मीणा, आर्यन ठाकुर और योगेश चौधरी मैदान पर उतरे थे। प्रतिद्वंद्वी इंडोनेशियाई टीम में बागुस प्राडेवा, मोहम्मद फालेवी, रिजकी लालुयान, फर्नांडो सांगेर और टियो हुतारूक शामिल थे। इंडोनेशियाई टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया।
मुकाबले के पहले मैच में पुरूष युगल की भिड़ंत हुई, जहां जय मीणा और योगेश चौधरी की जोड़ी को टियो हुतारूक और फर्नांडो सांगेर ने पराजित किया। इसके बाद एकल मुकाबले में जिम्मेदारी संभाल रहे आर्यन ठाकुर को बागुस प्राडेवा के हाथों हार मिली। लगातार दो मैच गंवाने के कारण तीसरे मैच के आयोजन की आवश्यकता नहीं बची और उसे रद्द घोषित कर दिया गया।
सॉफ्ट टेनिस के नियम और विशेषता
सॉफ्ट टेनिस की जड़ें जापान से जुड़ी हैं, जो मौजूदा खेलों की मेजबानी कर रहा है। यह पारंपरिक लॉन टेनिस से काफी मिलता-जुलता खेल है, जिसका कोर्ट भी सामान्य टेनिस कोर्ट के आकार का ही होता है। हालांकि, इसमें प्रयुक्त होने वाली गेंद बेहद हल्की और लचीली रबर से तैयार की जाती है, जिसे खिलाड़ी रैकेट की मदद से नेट के पार भेजकर अंक जुटाते हैं। टीम स्पर्धाओं में फैसले 'बेस्ट ऑफ थ्री' प्रारूप पर होते हैं, जिसमें सबसे पहले चार अंक हासिल करने वाला खिलाड़ी मैच अपने नाम करता है।
ध्वजारोहण कार्यक्रम में तालमेल की कमी से हुई देरी
खेल मुकाबलों के इतर आयोजन स्थल पर प्रशासनिक समन्वय में खामी भी देखने को मिली। शुक्रवार को भारत सहित छह अलग-अलग मुल्कों के लिए निर्धारित ध्वजारोहण कार्यक्रम समय पर शुरू नहीं हो सका। उद्घाटन स्थल गार्डन पियर पर, जो एथलीटों के कंटेनरनुमा आवासीय परिसर के समीप स्थित है, निंजा पोशाक पहने कला साधक और संगीत बैंड अपनी प्रस्तुति के लिए तैयार खड़े थे।
स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 1:30 बजे यह कार्यक्रम होना था, लेकिन लगभग 20 मिनट के विलंब के बाद शुरू हुआ, जबकि कुछ प्रक्रियाओं में घंटे भर से अधिक का व्यवधान रहा। इसके पीछे एशियाई ओलंपिक परिषद तथा स्थानीय आयोजकों के बीच संवादहीनता मुख्य वजह बताई गई। भारत की तरफ से अभियान प्रमुख सहदेव यादव के अलावा अंजलि भागवत, अलकनंदा अशोक, लिजो डेविड टी और अचंता शरत कमल जैसे चार उप प्रमुख मौजूद थे। इस समारोह में भारत, तिमोर लेस्टे, यमन, फलस्तीन, उत्तर कोरिया और चीनी ताइपे के प्रतिनिधियों को शामिल होना था, जिन्हें पंद्रह मिनट प्रतीक्षा करवाने के बाद आराम करने के लिए अपने विश्राम कक्षों में लौटने को कहा गया।

















