ऑस्ट्रेलिया में 82 साल के बॉब मोंटगोमेरी ने समाज सेवा की एक मिसाल कायम करते हुए 5200 किलोमीटर की कठिन साइकिल यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर ली। हालांकि, इस विशाल मुकाम को हासिल करने के महज एक दिन बाद ही उनका दुखद निधन हो गया। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया स्थित ब्रूम शहर से शुरू होकर उनके गृह नगर बोवरल तक चली यह छह हफ्ते लंबी चैरिटी यात्रा मोटर न्यूरोन डिजीज से पीड़ित लोगों की मदद के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। उनके इस साहसिक और भावनात्मक सफर में 18 साल के पोते टॉम मैलकम ने भी कदम से कदम मिलाया। जब दोनों बोवरल पहुंचे तो परिजनों, मित्रों और स्थानीय निवासियों ने उनका बेहद आत्मीय स्वागत किया।
मोटर न्यूरोन बीमारी के खिलाफ 12 वर्षों का संघर्ष और योगदान
इस विशेष अभियान के दौरान बॉब ने 1.04 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से अधिक का कोष एकत्र किया, जिसे मोटर न्यूरोन डिजीज से जूझ रहे मरीजों के कल्याण में खर्च किया जाएगा। यह धनराशि भारतीय मुद्रा में लगभग 65 लाख करोड़ रुपये के समतुल्य आंकी गई है। इसके अतिरिक्त, इस यात्रा से लगभग एक लाख अमेरिकी डॉलर की संग्रह राशि का लक्ष्य भी जुड़ा था। दरअसल, बॉब का इस जानलेवा बीमारी से गहरा व्यक्तिगत जुड़ाव था। करीब 12 साल पहले उनके एक रिश्तेदार की मृत्यु इसी बीमारी के कारण हो गई थी। उस त्रासदी के बाद से ही बॉब ने इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने और मरीजों के लिए सहायता राशि जुटाने को अपने जीवन का परम उद्देश्य बना लिया था। बीते 12 सालों के दौरान वे इस नेक मकसद के लिए ऐसी छह चुनौतीपूर्ण साइकिल यात्राएं संपन्न कर चुके थे।
अपने दीर्घकालिक प्रयासों के माध्यम से बॉब ने इस नेक काम के लिए कुल मिलाकर करीब 3 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का बड़ा फंड जुटाया था। मोटर न्यूरोन डिजीज न्यू साउथ वेल्स संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लियाम ओ’मियारा ने बॉब के योगदान की सराहना करते हुए बताया कि सोमवार को आयोजित एक सम्मान समारोह से वापस घर लौटते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। लियाम के अनुसार, बॉब द्वारा जुटाए गए संसाधनों की बदौलत अनगिनत मरीजों को आवश्यक चिकित्सीय उपकरण, सही इलाज और दैनिक देखभाल संबंधी सहायता मिल पाई है।
'वन लास्ट राइड' और अंतिम विदाई के भावुक पल
बॉब ने अपनी इस अंतिम और ऐतिहासिक साइकिल यात्रा को 'वन लास्ट राइड' का नाम दिया था। उनके चले जाने के बाद यह नाम हर किसी की आंखें नम कर रहा है। परिजनों के मुताबिक उनका निधन अचानक हुआ, लेकिन उस वक्त वे बेहद शांत थे और उन्होंने सुकून से अंतिम सांस ली। अपनी यात्रा समाप्त होने के कुछ समय पूर्व तक भी बॉब लोगों को अपने इस जीवन मिशन की जानकारी दे रहे थे और बीमारी के प्रति जागरूक कर रहे थे।
अपने एक साक्षात्कार के दौरान बॉब ने जनता से मिले असीम स्नेह और समर्थन पर गहरा आश्चर्य और आभार व्यक्त किया था। उन्होंने अपने स्वागत समारोह के क्षणों को अपने जीवन की सबसे खूबसूरत और यादगार स्मृतियों में गिनाया। वहीं उनकी पत्नी जेन मोंटगोमेरी ने कहा कि जीवन के अंतिम 48 घंटों में बॉब को वह अपार सम्मान और प्यार प्राप्त हुआ, जिसके वे वास्तविक रूप से हकदार थे।



















