चीन ओपन टेनिस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मुकाबले में एक अप्रत्याशित और गंभीर घटनाक्रम देखने को मिला। रूस के टेनिस खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव को मैच के दौरान दर्शक दीर्घा में बैठे एक प्रशंसक को गेंद मारने के चलते डिफॉल्ट करार देकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया। यह मुकाबला सर्बिया के स्टार खिलाड़ी नोवाक जोकोविच के खिलाफ खेला जा रहा था, जहां कोर्ट पर उपजे तनाव और खीझ ने इस बड़े मुकाबले का अंत बेहद नाटकीय अंदाज में कर दिया।
कोर्ट पर बढ़ी खीझ और अनियंत्रित शॉट
मुकाबले में तीसरी वरीयता प्राप्त मेदवेदेव अपने प्रतिद्वंद्वी जोकोविच से पहले ही पिछड़ रहे थे। जोकोविच ने पहला सेट 7-5 से अपने नाम किया था और दूसरे सेट में भी 5-3 की बढ़त बना चुके थे। खेल के इस नाजुक मोड़ पर जोकोविच ने एक शानदार विनर शॉट लगाया, जिससे स्कोर 15-15 की बराबरी पर आ गया। वह गेंद कोर्ट के पिछले हिस्से से टकराकर वापस लौटी। इस पॉइंट को गंवाने के बाद रूसी खिलाड़ी अपनी निराशा पर काबू नहीं रख सके। मेदवेदेव ने भारी गुस्से और झुंझलाहट में अपने बैकहैंड से गेंद पर जोरदार प्रहार कर दिया। हवा में लहराती हुई यह गेंद सीधे उनके ठीक पीछे स्टैंड की पहली कतार में बैठे एक दर्शक के चेहरे पर जा लगी।
दर्शक को लगी चोट और मेडिकल सहायता
गेंद लगते ही दर्शक दर्द से तड़प उठा और अपना चेहरा पकड़कर आगे की ओर झुक गया। गेंद का प्रहार इतना तेज था कि वह व्यक्ति अपनी आंख को दबाए हुए दिखाई दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मेडिकल स्टाफ और आयोजन से जुड़े अधिकारी वहां पहुंचे। दर्शक लगातार अपनी आंख को पकड़े हुए था और उसे उसी हालत में सहारा देकर एरेना से बाहर ले जाया गया ताकि उसे तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जा सके।
अंपायर का फैसला और जोकोविच की प्रतिक्रिया
इस अप्रिय घटना के तुरंत बाद चेयर अंपायर मोहम्मद लहयानी और एक एटीपी अधिकारी ने आपस में गहन चर्चा की। नियमों के तहत किसी भी खिलाड़ी द्वारा गेंद या रैकेट से किसी दर्शक या अधिकारी को चोट पहुंचाना गंभीर अनुशासनहीनता मानी जाती है। नियमों का पालन करते हुए अधिकारियों ने मेदवेदेव को तुरंत डिफॉल्ट घोषित कर दिया। निर्णय सुनते ही मेदवेदेव नेट की ओर बढ़े और जोकोविच से हाथ मिलाकर अपनी हार और निष्कासन को स्वीकार किया।
मैच के इस तरह समाप्त होने पर जोकोविच ने भी गहरी चिंता और सहानुभूति व्यक्त की। जोकोविच ने कहा,
"ईमानदारी से कहूं तो यह थोड़ा हैरान करने वाला है। मुझे उम्मीद है कि वह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ होगा।"उन्होंने आगे कहा कि उन्हें मेदवेदेव के लिए भी बुरा लग रहा है क्योंकि वह खुद जानते हैं कि इतने बड़े मुकाबले में अयोग्य घोषित होने पर कैसा महसूस होता है। सर्बियाई खिलाड़ी ने भरोसा जताया कि मेदवेदेव ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया था।
ऑन-कोर्ट व्यवहार को लेकर पुराना विवाद
मेदवेदेव अपने खेल के साथ-साथ टेनिस कोर्ट पर अपने आक्रामक और असामान्य व्यवहार के लिए भी खासे चर्चित रहे हैं। इस सेमीफाइनल मैच में उनका यह अनियंत्रित गुस्सा उन पर बेहद भारी पड़ गया, जिससे न केवल उनका फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया बल्कि एक दर्शक को भी गंभीर चोट का सामना करना पड़ा। खेल भावना और सुरक्षा नियमों के तहत किसी भी खिलाड़ी को इस तरह के आचरण की अनुमति नहीं दी जाती है।



















